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  • rishitapancholi123

कुंडली में नागदोष हो तो झेलने पड़ते हैं ये कष्‍ट जाने आचार्य संदीप से राहु ग्रह का संबंध



नाग से माना जाता है राहु के प्रभाव से उत्‍पन्‍न होने वाले दुर्योगों को ही नाग दोष कहा जाता है जब कुंडली में राहु और केतु पहले घर में चन्द्रमा के साथ या शुक्र के साथ विराजमान हों तो ऐसी स्थिति में नाग दोष बनता है कुंडली में इस दोष के बल तथा स्थिति के आधार पर ही जातक को कष्ट और इसके अशुभ फल मिलते हैं यदि किसी कुंडली में राहु या केतु कुंडली के पहले दूसरे पांचवें सातवें या आठवें घर में विराजमान हों तो ऐसी स्थिति में कुंडली में नागदोष बनता है नागदोष का प्रभाव कुंडली में राहु तथा केतु की स्थिति पर निर्भर करता है कुंडली में नागदोष देह संस्‍कार में देरी अथवा किसी अपरिचित के द्वारा अंतिम संस्‍कार के कारण लगता है यदि किसी व्‍यक्‍ति के शरीर के सभी अंगों का एकसाथ दाह संस्‍कार न किया जाए तो उसे नागदोष लगता है यदि किसी व्‍यक्‍ति की मृत्‍यु दुर्घटना बम ब्‍लास्‍ट आत्‍महत्‍या या ज़हर खाने के कारण हुई है तो उसे नाग दोष लग जाता है पूर्वर्जों द्वारा किसी अजन्‍मे बच्‍चे की हत्‍या एवं काला जादू करने पर कुंडली में नागदोष बनता है नाग दोष होने पर जातक किसी पुराने या यौन संचारित रोग से ग्रस्‍त रहता है कुंडली में नागदोष हो तो जातक को अपने प्रयासों में सफलता प्राप्‍त नहीं होती नाग दोष का अत्‍यंत भयंकर प्रभाव है कि इसके कारण महिलाओं को संतान उत्‍पत्ति में अत्‍यधिक परेशानी आती है कुंडली में नागदोष होने से व्‍यक्‍ति की गंभीर दुर्घटना होने की संभावना रहती है इन्‍हें जल्‍दी-जल्‍दी अस्‍पताल के चक्‍कर लगाने पड़ते हैं एवं इनकी आकस्‍मिक मृत्‍यु भी संभव है नागदोष से प्रभावित जातकों को उच्‍च रक्‍तचाप और त्‍वचा रोग की समस्‍या रहती है कुंडली में नागदोष के प्रभाव को कम करने के लिए पंचमी के दिन सर्प परिहार पूजा करें एवं इसके समापन के पश्‍चात् स्‍नान अवश्‍य करे यदि आपकी कुंडली में नागदोष है तो आप नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना करें और शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं रोजाना 108 बार ऊं नम शिवाय और दोष निवारण मंत्र’ का जाप करें माथे पर चंदन का तिलक लगाएं नागदोष से प्रभावित जातक मंगलवार और शनिवार के दिन शेषनाग की पूजा करें यह पूजन कम से कम 18 सप्‍ताह तक अवश्‍य करें

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