पूर्णिमा श्राद्ध 01 और 2 सितंबर को है। इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन लग रही है।



पूर्णिमा श्राद्ध 01 और 2 सितंबर को है। इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन लग रही है। पूर्णिमा तिथि 1 सितंबर की सुबह 09:38 से शुरू होगी, जो 2 सितंबर को सुबह 10:53 मिनट तक रहेगी। इसी दिन से श्राद्ध पक्ष शुरू हो जाते है। श्राद्ध पक्ष को पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है। भाद्रपद पूर्णिमा को इसलिए खास मन जाता है क्योंकि इस दिन से श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ होता है और पितृ पक्ष के दिनो अपने पितरों से आशीर्वाद प्राप्त करने के दिन होते है। जिनके पितरो का निधन पूर्णिमा को होता है उनके पितरो का श्राद्ध ऋषियों को समर्पित होता है इस दिन श्राद्ध और तर्पण कर अपने पितरों को याद करे और भगवान की आराधना करें । इस दिन दान और पूण्य का अधिक महत्व है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करने से व्यक्ति को कभी धन-धान्य की कमी नही होती और

इस दिन व्रत करने से सभी सुख-समृद्धि का वास घर मे होता है।

  1. व्यापार में सफलता प्राप्ति के लिए पितृपक्ष की पूर्णिमा को लक्ष्मी नारायण मंदिर में दूध चढ़ाएं। ऐसा करने से व्यापार में तरक्की प्राप्त होगी।

  2. धन नहीं टिकता, कर्ज से मुक्ति पाने के लिए पूर्णिमा के दिन करें यह उपाय गरीब व्यक्तियों और अनाथ बच्चों को भोजन कराएं। ऐसा करने से धन का आगमन होता हैं।

  3. घर में सुख शांति,समृद्धि के लिए पूर्णिमा के दिन पितरों के नाम से गाय को रोटी, गुड़, खीर खिलाएं। इससे आपके घर में खुशहाली बनी रहेगी और रिश्तों में मधुरता आती हैं।

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