Astrology : केसर के तिलक और मीठी चीजों के दान से सुधरेगा घर का माहौल


Astrology : घर में शांति और बच्चों का आज्ञाकारी होना आज के आधुनिक समय में सबसे बड़ा सुख माना गया है, क्योंकि बदलते समाज और जीवन शैली में यह दोनों ही चीज का मिलना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। छोटी-छोटी बातों को लेकर घर के सदस्यों के बीच मन मुटाव होने लगता है जो आगे चल कर घर में अशांत माहौल का सबसे बड़ा कारण बन जाता है। ऐसे ही बदलते समय के साथ बच्चों की प्राथमिकताएं भी बदल रही है परिवार और परिजनों से उनके संबंध कम हो रहे है। आधुनिक युग में जीवन जीने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि बच्चे रिश्तों को भी प्रोफेशनल तरीके से लेने लगे है। वह रिश्तों में भी फायदा नुकसान देख रहे है उन्हें स्वयं पर किसी भी रूप में प्रतिबंध स्वीकार नहीं है, वह स्वतंत्र जीवन जीना चाहते है जिससे उनकी मनमानी बढ़ जाती है और परिजनों से दूरी भी। इससे भी घर का माहौल बिगड़ने लगता है और बेवजह का तनाव रहने लगता है। एस्ट्रोभूमि (Astrobhoomi) प्लेटफॉर्म की फाउंडर, एस्ट्रोलॉजर (Astrologer) और मोटिवेशनल स्पीकर (Motivational speaker) भूमिका कलम ने इन परेशानियों को लेकर कहा कि हर कोई चाहता है कि उसका घर-परिवार सुख और प्रेम से रहे। लेकिन कई वजहों से परिवार में अनबन होने लगती है और यही आगे चलकर विवाद की वजह बन जाती है। भूमिका कलम कहती हैं कि वास्तु (vaastu) में कुछ आसान से उपाय (remedy) बताए गए हैं जिन्हें अपनाने से परिवार में सुख शांति बनी रहती हैं। कलम ने इन परेशानियों को दूर करने ने के लिए कई वास्तु उपाएं (Vaastu remedy) बताएं है जिन्हें अपनाकर आप भी अपने घर में होने वाली अशांति और बच्चों के मनमर्जी को कम कर सकते हैं और घर को स्वर्ग बना सकते हैं। अगर परिवार में बच्चे बुरा व्यवहार करते हों या बड़ों का कहना न मानते हों तो उनके माथे पर केसर या हल्दी (saffron or turmeric) का तिलक लगाएं। भाइयों में अनबन रहती हो तो मीठी चीजों का दान करें। दूध में शहद डालकर दान करें। जीवनसाथी से नहीं बनती है तो गाय की सेवा करें। पिता-पुत्र में मतभेद रहता है तो पिता या पुत्र किसी को भी गुड़ और गेहूं का दान मंदिर में करना चाहिए। घर में सुबह कुछ देर भजन करें। मंगलवार व शनिवार को घर में सुंदरकांड का पाठ करें। मंगलवार को हनुमान मंदिर में चोला और सिंदूर चढ़ाएं। रविवार, शनिवार या मंगलवार को काले चने, काले वस्त्र, लोहा और सरसों के तेल का दान करें। परिवार की महिलाओं में अनबन रहती है तो महिलाएं आटे की चक्की मंदिर में दान करें। गुरुवार और रविवार को कंडे पर गुड़ और घी मिलाकर जलाएं इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। घर में कभी झाड़ू को खड़ा करके नहीं रखें, न ही कभी पैर लगाएं। घर में कोई भी खाने पीने की चीज लाते हैं तो सबसे पहले अपने ईष्ट देवता को भोग लगाएं। फिर परिवार के बड़े बुजुर्गों और बच्चों को दें। इसके बाद स्वयं ग्रहण करें। पहली रोटी गाय के लिए निकालें और उसे अपने हाथों से रोटी खिलाएं।