Astrology : स्फटिक (Rhinestone) की माला से माँ लक्ष्मी को करें प्रसन्न, हर समस्या का होगा हल


स्फटिक (Rhinestone) की माला से मिलने वाले फ़ायदे:


Astrology के अनुसार अगर स्फटिक की माला का विधिवत पूजन करके कोई व्यक्ति इसे अपने गले में धारण करता है तो इससे उससे धन-दौलत में वृद्धि मिलती है।


इसके अलावा स्फटिक (Rhinestone) की माला का सीधा संबंध शुक्र ग्रह से बताया गया है। ऐसे में अगर किसी के शुक्र ग्रह में पीड़ा है तो उसे नियमित रूप से शुक्र ग्रह के मंत्रों का जाप करन चाहिए। इससे शुक्र ग्रह अच्छा फल देने लगता है।


किसी के घर में अगर कलह चल रही है तो उसको भी मिटाने के लिए स्फटिक की माला बहुत ही उपयोगी मानी जाती है। घर का कलेश मिटाने के लिए स्फटिक की माला से देवी पार्वती के मंत्र ‘ओम गौरये नम:’ का जाप करें और इस माला को गले में धारण करें। इससे आपको बहुत ही जल्द सकारात्मक बदलाव दिखने लग जायेंगे।


किसी भी विद्यार्थी को अगर शिक्षा के क्षेत्र में सफलता हासिल करने में किसी भी तरह की कोई भी बाधा आ रही है तो उन विद्यार्थियों को स्फटिक की माला से ‘ओम ऐं’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे उनकी समस्या भी दूर होती है और उन्हें हर परीक्षा में सफलता भी अवश्य ही मिलती है।


स्फटिक की माला शीतलता देने वाली मानी जाती है, इसलिए उच्च रक्तचाप (high blood pressure) और गुस्सैल स्वभाव वाले लोगों को स्फटिक की माला गले में पहनने से काफी लाभ मिलता है।


अगर आपके दाम्पत्य जीवन में किन्ही भी कारणों से खटास आ गई है और पति-पत्नी के बीच दूरियाँ बढ़ गई है तो पति-पत्नी दोनों को ही स्फटिक की माला गले में धारण कर लेनी चाहिए इससे उन्हें अवश्य ही लाभ होता है और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार भी बढ़ने लगता है।


कैसे धारण करें स्फटिक (Rhinestone) की माला?

स्फटिक की माला पहनने की सबसे सटीक विधि यह है कि इसे शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को पहले जल और दूध में डाल कर रख दें। उसके बाद गायत्री मंत्र की कम से कम एक माला का जाप करें और फिर सूर्योदय होने के तकरीबन 3 घंटे के अंदर दूध-पानी से निकालकर इस माला को गले में पहन लेना चाहिए।