पितरों की शांति और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का दिन हरियाली अमावस्या, जानें पूजन विधि, और महत्व



हिंदू धर्म में श्रावण माह (shravan month) का विशेष महत्व है, इस पूरे माह भगवान शिव की उपासना की जाती है साथ ही साथ इस माह में कई विशेष त्योहार और तीथियां आती है जो मानव जीवन और प्रकृति में विशेष महत्व रखती हैं। ऐसी ही विशेष तिथि है हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) जिसे श्रावणी आमावस्या (Shravani Amavasya) के नाम से भी जाना जाता है। इस बार यह अमावस्या 8 अगस्त 2021 यानि रविवार के दिन आ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर भी पितरों की शांति के लिए पिंडदान और दान धर्म करने का महत्व है। यह पर्व हरियाली तीज से तीन दिन पूर्व मनाया जाता है। हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) के दिन विशेष रूप से वृक्षारोपण किया जाता हैं। यह पर्व जीवन में पर्यावरण के महत्व को भी बताता है। सावन के महीने में वर्षा होती है जिस कारण हमारे आसपास हरियाली छा जाती है। वृक्ष, पौधे पर्यावरण को बेहतर और सुदंर बनाते हैं। हरे भरे पेड़-पौधे हमारे में जीवन के महत्वपूर्ण अंग हैं। पर्यावरण हमारे पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में भी विशेष भूमिका निभाते हैं। इस दिन एक नया पौधा लगाना शुभ माना जाता हैं। इस दिन कई शहरों में हरियाली अमावस्या के दिन मेलों का भी आयोजन किया जाता हैं। खासकर किसानों के लिए हरियाली अमावस्या विशेष होती है। किसान इस दिन एक-दूसरे को गुड़ और धानी की प्रसाद देकर अच्छे मानसून की शुभकामना देते हैं। साथ ही वे अपने कृषि यंत्रों का पूजन भी करते हैं।


हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पूजा विधि

इस दिन गंगा जल से स्नान करें। सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों के निमित्त तर्पण करें। श्रावणी अमावस्या (Shravani Amavasya) का उपवास करें एवं किसी गरीब को दान-दक्षिणा दें। श्रावणी अमावस्या (Shravani Amavasya) के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान है। इस दिन पीपल, बरगद, केला, नींबू अथवा तुलसी का वृक्षारोपण जरूर करें। किसी नदी या तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां खिलाएं। अपने घर के पास चींटियों को चीनी या सूखा आटा खिलाएं।



उपाय (remedy)

हरियाली अमावस्या की शाम को मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाएं। इस दिन ऐसा करने से घर से दरिद्रता दूर होती है। अमावस्या की रात को घर में पूजा करते समय पूजा की थाली में स्वस्तिक या ॐ बनाकर उस पर महालक्ष्मी यंत्र रखें। शाम को शिवजी की विधिवत पूजा आराधना करें और उनको खीर का भोग लगाएं। ऐसा करने से आपको शिवजी की कृपा मिलती है।