RUDRABHISHEK / रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान् रूद्र का अभिषेक. रूद्र भगवान् शिव का ही विनाशक अवतार है. मान्यताओं के अनुसार सभी प्रकार के दुःख, पीड़ा ,कठिनाई और मृत्यु के कारक रूद्र ही हैं. वैदिक कर्मकाण्ड के अनुसार रुद्राभिषेक रूद्र देव को प्रसन्न करने का एकमात्र  सरल और  कारगर उपाय है. ऐसी मान्यता है कि “रुद्राभिषेक” करने से ग्रह जनित समस्त दोष दूर होते हैं साथ ही आयु , आरोग्य और ऐश्वर्य की वृद्धि होती है .

यदि आप निम्न कारणों से परेशान है तो आपको  रुद्राभिषेक अवश्य कराना चाहिए

  • शनि की साढ़े साती जो तुला , वृश्चिक और धनु राशि पर है

  • शनि की ढैया जो मेष और सिंह राशि पर है

  • राहु की महादशा/अंतर दशा 

  • केतु की महादशा / अंतर दशा 

  • मारकेश की महादशा /अंतर दशा 

  • अष्टम शनि या राहु

  • कुंडली में “ग्रहण दोष” 

  • कुंडली में “काल सर्प दोष”

  • कमजोर चंद्रमा के कारण स्वास्थ्य या मानसिक समस्या 

  • आर्थिक स्थिति कमजोर इत्यादि 

इन सभी उपरोक्त परिस्थितियों में रुद्राभिषेक छोटी , कम खर्च में परन्तु बहुत ही प्रभावी पूजा है .यदि आप भी इस समय का लाभ लेना चाहते है तो अभी से दिन सुनिश्चित करें

रुद्राभिषेक की दक्षिणा राशि है मात्र  Rs 6100/- USD  $95


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