रक्षाबंधन (rakshabandhan) की पूर्णिमा की रात को करें उपाय (remedies)



रक्षा बंधन (rakshabandhan) पर्व पूर्णिमा को मनाया जाता है, इस समय चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में श्रावण नक्षत्र में होता है। चंद्रमा मन का कारक होता है। इस रात चंद्रमा को दूध अर्घ्य देकर वहीं बैठकर ऊं सोमेस्वराय नम: मंत्र का 108 बार जाप व पूजा करनें से मन शांत रहता है। इस दिन दूध का दान भी करें।


आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए

राखी (rakhi) के दिन भाई अपनी बहन के हाथों से एक गुलाबी रंग के कपड़े में अक्षत, सुपारी और एक रुपए का सिक्का ले लें. इस कपड़े को अपनी तिजोरी में रख लें। ज्योतिषों (astrologers) के अनुसार इस उपाय (remedy) को करने से आर्थिक परेशानियां जल्दी दूर हो जाएंगी।


नजरदोष से बचाव के लिए

बहन अपने भाई को नजरदोष से बचाने के लिए फिटकरी लें और उसे सात बार अपने भाई के ऊपर से उतार कर फिटकरी को चूल्हे में जला दें. इसके अलावा इसे चौराहें पर भी फेंक सकते हैं. ऐसा करने से नजर दोष दूर हो जाता है.


भाई हो दूर तो

यदि आप अपने भाई से दूर रहती हैं और रक्षाबंधन (rakshabandhan) पर उनके पास तक जाना संभव न हो तो उनकी मंगलकामना के लिए विधिवत रूप से अपने घर में भगवान को राखी बांधकर भाई की सलामती के लिए दुआ कर सकते हैं।


रक्षाबंधन (rakshabandhan) के दिन देवताओं को राखी बांधने से आपकी सभी परेशानियां दूर हो जाती है. इस दिन सबसे पहले भगवान गणेश को हरे रंग की राखी बांधें। ऐसा करने से भाई- बहन के बीच मन मुटाव दूर हो जाता है और आपस में प्यार बढ़ता है।


बीमारी ठीक करने के उपाय (remedy)

यदि लंबे समय से कोई बीमारी ठीक न हो रही हो तो रक्षा बंधन की रात्रि में कुछ हलवा पत्तल पर रखकर रोगी पर से 11 बार उतारकर चौराहे पर रख दें या रात्रि में एक दिन पहले कोई सिक्का रोगी के सिरहाने रख दें। सुबह श्मशान में फेंक दें।