घर के लिए जगह चुनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान



घर एक जैसी जगह जहां व्यक्ति अपने कार्यस्थल और जीवन की बाहरी समस्याओं को त्यागकर सुखमय जीवन जीना चहता है। हर व्यक्ति का सपना होता है कि वह खुद का घर बनाए और वहां शांति और सुख से जीवन यापन करें। लेकिन कई बार बहुत मेहनत के बाद व्यक्ति अपना घर तो बना लेता है उसे सजाने, सुंदरता बढ़ाने और सुख-सुविधाओं पर खर्च भी बहुत अधिक करता है लेकिन इसके बावजूद भी वह अपने घर में शांति का अनुभव नहीं कर पाता है। उसके मन में यह सवाल बार-बार आता है कि उससे गलती कहां हो गई। इस समस्या को लेकर एस्ट्रोभूमि (Astrobhoomi) प्लेटफॉर्म की फाउंडर, एस्ट्रोलॉजर (Astrologer) और मोटिवेशनल स्पीकर भू्मिका कलम का कहना है कि जैसा की घर बनाते समय वास्तु (vastu) का बहुत ध्यान रखा जाता है वैसे ही जब भी आप घर खरीद रहे हैं या घर का निर्माण कर रहे हैं तो आपको यह देखना बहुत जरूरी है कि घर ऐसी जगह ना हो जहां सड़क खत्म हो रही हो या जगह विरान महसूस हो रही हो।

भू्मिका कलम बताती हैं कि घर के वास्तु (vastu) का असर घर में रहने वाले हर सदस्य पर पड़ता है। घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहे। सुख-शांति हो और परिवार में हमेशा प्रेम बना रहे। इसके लिए वास्तु (vastu) में कुछ आसान से उपाय (remedies) बताए गए हैं जिन्हें अपनाया जा सकता है। अगर घर का निर्माण कराना चाह रहे हैं तो ध्यान रखें कि घर को कभी भी तिराहे या चौराहे पर, वीरान जगह पर नहीं बनवाना चाहिए। घर का निर्माण करने से पहले भूमि पूजन अवश्य कराएं। गली या सड़क जहां खत्म होती है, उसके अंतिम प्लॉट पर घर नहीं बनाना चाहिए। घर बनवाते समय पुरानी लकड़ी, ईंटों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। घर के बीच की जगह को हमेशा खाली रखें। घर में कोई भी कमरा तिरछा नहीं होना चाहिए। सीढ़ियों के नीचे मंदिर नहीं होना चाहिए। घर के मुख्य दरवाजे पर रोली से दाईं ओर शुभ और बाईं ओर लाभ लिखें। दरवाजे के ऊपर रोली से ॐ की आकृति बनाएं। स्वास्तिक बनाएं। घर की छत, बालकनी में कभी कबाड़ भरकर न रखें। घर में कभी भी सामान अस्त-व्यस्त न रखें। बैठक में फूलों का गुलदस्ता लगाएं। घर में घुसते ही शौचालय नहीं होना चाहिए। सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे इसके लिए रोजाना सुबह और शाम कर्पूर को देसी घी में डुबोकर जलाएं। घर से नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के लिए कमरों में सुगंधित धूपबत्ती, अगरबत्ती जलाएं। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीया जलाकर रखें। सुबह और शाम भगवान की पूजा करते समय कुछ देर के लिए घंटी जरूर बजाएं। मंदिर की घंटी बजाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इन उपायों को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहेगा, नकारात्मक ऊर्जा में कमी आएगी। जिससे घर में रह रहे लोगों के स्वास्थ और कॅरियर में उन्नति होगी तथा शांति और सौहार्द का माहौल बनेगा।